Hareli Tihar 2026: हरेली तिहार कब और कैसे मनाया जाता है? पूरी जानकारी!
Hareli Tihar 2026: हरेली तिहार कब और कैसे मनाया जाता है? पूरी जानकारी!
Hareli Tihar क्या है?
छत्तीसगढ़ की धरती त्योहारों और परंपराओं से भरपूर है, और उनमें से एक है हरेली तिहार, छत्तीसगढ़ में त्योहारों की शुरुआत भी हरेली तिहार से होता है | हरेली जिसे हरियाली का पर्व भी कहा जाता है। ‘हरेली’ शब्द का मतलब ही होता है ‘हरियाली’ यानी Greenery. ये त्यौहार खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों के लिए ही नही बल्कि पुरे छत्तीसगढ़ वासियों के लिए खास होता है।
ये पर्व मुख्य रूप से किसानों द्वारा मनाया जाता है, जिसमें खेती के औजारों, बैलों और धरती मां की पूजा की जाती है ताकि आने वाली फसल अच्छी हो।

Hareli Tihar 2026 कब मनाया जाएगा?
इस साल हरेली तिहार को 12 अगस्त ( बुधवार ) के दिन मनाया जाएगा। यह त्यौहार श्रावण माह की अमावस्या को मनाया जाता है, जो कि हर साल जुलाई-अगस्त में आता है।
हरेली तिहार कैसे मनाया जाता है?
इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर नहाते हैं और अपने खेती के औजारों (जैसे हल, कुदाल, फरसा, गैंती) की सफाई कर उन्हें तेल लगाकर पूजन करते हैं।

🐂 बैलों और जानवरों की पूजा:
गांवों में बैलों को नहलाया जाता है, उन्हें सजाया जाता है, और फिर उनकी पूजा की जाती है क्योंकि वे खेती में सबसे बड़े सहायक माने जाते हैं।
🛐 घर-आंगन में बनते हैं “चौक”:
लोग घर के आंगन में गोबर से “चौक” बनाते हैं और वहां पूजा करते हैं। महिलाएं व्रत रखती हैं और बच्चे पारंपरिक खेल खेलते हैं।
🔨 लोहे के औजारों की पूजा:
इस दिन को “कृषि उपकरण पूजन दिवस” भी कहा जाता है, क्योंकि किसान अपने औजारों की पूजा करके अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं।
हरेली तिहार के खास आयोजन
1. मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम:
हर साल छत्तीसगढ़ सरकार इस दिन खास आयोजन करती है जिसमें पारंपरिक खेल, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होती हैं।
2. गौठानों की सजावट:
गांवों में गौठानों (जहाँ गायों को रखा जाता है) को सजाया जाता है और वहां सामूहिक पूजन होता है।
3. खेल-कूद प्रतियोगिताएं:
इस दिन बच्चों और युवाओं के लिए पारंपरिक खेल जैसे भौरा, गिल्ली-डंडा, रस्साकशी जैसे गेम्स रखे जाते हैं।
हरेली तिहार का सांस्कृतिक महत्व
Hareli Tihar ना सिर्फ एक त्योहार है बल्कि यह छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्राकृतिक जीवनशैली, और लोकपरंपराओं की पहचान है। यह त्योहार हमें प्रकृति और खेती से जुड़ाव की याद दिलाता है। ये त्यौहार छत्तीसगढ़ वासियों का पहला त्यौहार होता है,जिसे धन की फसल बोने के बाद मनाया जाता है | ये हमर तिहार आय
📸हरेली तिहार की झलकियाँ:

पर्यावरण से जुड़ाव का संदेश
Hareli Tihar हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ मिल-जुलकर रहना ही जीवन का सार है। आज के समय में जब पर्यावरण संकट बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यह त्योहार ग्रीन इंडिया की सोच को आगे बढ़ाने का प्रतीक बन सकता है। पर अफ़सोस है की हमर ये त्यौहार केवल छत्तीसगढ़ तक ही सिमित कर दिए गए हे |
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FAQs About Hareli Tihar 2026❓
Q1. हरेली तिहार 2026 में कब मनाया जाएगा?
A: हरेली तिहार 2026 में 12 अगस्त (बुधवार) को मनाया जाएगा।
Q1. हरेली तिहार 2026 में कब मनाया जाएगा?
Q2. हरेली तिहार का क्या महत्व है?
A: यह त्यौहार खेती और हरियाली से जुड़ा हुआ है, जिसमें किसान औजारों और पशुओं की पूजा करते हैं।
Q2. हरेली तिहार का क्या महत्व है?
Q3. क्या हरेली तिहार सिर्फ छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है?
A: हाँ, यह छत्तीसगढ़ का स्थानीय त्योहार है लेकिन कुछ हिस्सों में मध्यप्रदेश और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी मनाया जाता है।Q4. इस दिन कौन-कौन से पारंपरिक खेल खेले जाते हैं?
A: गेडी,भौरा, गिल्ली-डंडा, लट्टू, कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल खेले जाते हैं।Q5. क्या हरेली तिहार सरकारी अवकाश होता है?
A: हाँ, छत्तीसगढ़ सरकार इस दिन सरकारी छुट्टी घोषित करती है।
Q3. क्या हरेली तिहार सिर्फ छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है?
Q4. इस दिन कौन-कौन से पारंपरिक खेल खेले जाते हैं?
Q5. क्या हरेली तिहार सरकारी अवकाश होता है?
